(१)
टॉमी--
आपके
ऊपर हत्या करवाने का इल्ज़ाम है
कुछ
लोग आपको ‘मास मर्डरर’ भी कहते हैं
हाल
ही में एक व्यक्ति के ‘सुसाइड नोट’ में भी आपका नाम है |
थिंकटैंक
उवाच--
कुछ
तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना
छोड़ो
बेकार की बातों में कहीं बीत जाए न
‘सर्जिकल
स्ट्राइक’
(२)
टॉमी
–
मतलब
सर मैं कुछ समझा नहीं
थिंकटैंक
उवाच—
टॉमी
बेटा इधर आओ,बैठो
पहले
बोलो कि तुम ‘भक्त’ हो
टॉमी—
हाँ,मैं
‘परम भक्त’ हूँ |
थिंकटैंक
उवाच—
टीवी
चालू करो
देखो
ध्यान से यह लोकतंत्र का ‘चौथा खम्भा’ है
‘खम्भा’
समझते हो न ?
देखो
इनकी वफ़ादारी
इनको
हम खम्भे पर टांग उठाए रहने के एवज में खाना देते हैं
और
हम भी तो कर्जदार हैं न बेटा
किसी
के एहसान तले दबे हुए हैं |
पांच
सालों में इस खम्भे को गिराना है
लेकिन
अचानक नहीं,शनैः शनैः
बिलकुल
टाईट्रेशन के माफिक
इसी
बीच छोटे से कहलवा देंगे कि
बरसों
से युद्ध न होने की वजह से
सैनिकों
की क्षमता कम हो गयी है |
और
टॉमी बेटा तुम्ही बताओ
बड़े
भाई के हथियार पड़े-पड़े
जंग
खा जाएँ उससे पहले ‘जंग’ तो मांगता है न
मांगता
है कि नहीं मांगता है ?
इस
पर तुम टीवी पर वोटिंग करा लेना
‘लोकतान्त्रिक’
तरीके से
(३)
टॉमी
–
मालिक
लोग पूछ रहे हैं
‘गौभक्षक’
ही ‘गौरक्षक’ हैं क्यों?
थिंकटैंक
उवाच—
टॉमी
बेटा तुमसे न हो पाएगा
तबै
तो हम यहाँ बैठे हैं न !
देखो
तुमको ‘सुपरस्ट्रक्चर’ के हथियारों का महत्व नहीं पता
इसके
उपयोग से
रिएक्शन
फॉरवर्ड डायरेक्शन में मूव करती है
अर्थशास्त्र
इसका ‘ड्राइविंग फ़ोर्स’
और
राजनीती ‘कैटालिस्ट’ |
बूझे?
टॉमी--
हाँ
समझ गया मालिक
युद्धं
शरणम गच्छामि |
( ४ )
टॉमी—
मालिक
आपको क्या लगता है
यूपी
के २०१७ वाले दंगो में हमारी जीत होगी?
थिंकटैंक
उवाच—
टॉमी
बेटा हर दंगा हमारी जीत है |
टॉमी—
अभी
वोटिंग करा के आता हूँ |
( ५ )
नमस्कार
!
आप
देख रहें हैं ‘प्राइमटाइम’
भौं
भौं भौं
भौं
भौं भौं
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