एक सिक्का उछाला गया
उछले हुए सिक्के ने पूरी दुनिया को दो भागों में बाँटा
एक में आया हेड एक में आया टेल
पर इतने से ही कहानी स्पष्ट नहीं होती
जैसा की गणित भी हमें बताता है
हेड आना या टेल आना एक़ुइप्रोबबल तभी है
जब सिक्का अनबायस्ड हो
इसलिए सिक्के की जाँच अपरिहार्य है
सिक्के की निष्पक्ष जाँच कैसे हो ?
सिक्के की जाँच करने वाला चाहता है की काश हेड आ जाए
हेड चाहने वाले चाहते हैं की सिक्के की जाँच वो करे जो ये सोचता हो की काश हेड आ जाए
इतना कुछ चल रहा था इस गणित के पीछे
की टेल चाहने वाले गणित के पीछे की गणित को नही समझ पाए
और पूरी दुनिया में हेड आने की लहर मच गयी
टेल चाहने वाले सोचते रहे की किस्मत ने उनका साथ न देकर हेड चाहने वालों का साथ दिया
और हेड चाहने वाले इसी किस्मत को राजनीति कहते हैं |
अभी भी एक प्रश्न अनुत्तरित ही है
सिक्का उछाला ही क्यों गया ?
यकीनन-
न्याय के नाम पर
अन्याय करने के लिए


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