उम्मीद के दरिया पर
प्यार की आग
नफरत की चिता फूक देगी एक दिन
और राख का भविष्य मिट्टी में होता है दोस्त
जो खाद बन जाता है
एक नए विचार
एक नए जीवन के लिए
जो हमेशा ललकारता है
बची हुई नफरत को |

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