जैसे मैं एक बंद चहारदीवारी में
चिल्लाता रहा ज़िन्दगी भर
और तुम कहते रहे कि
तुमने कभी सुना ही नही
मैंने बोलना बंद कर दिया
ताकि मैं खुद को समेटकर
जिंदा रह सकूँ
और
जब तुम्हे लगा कि मैं बोलना भूल चुका हूँ
तुमने दुनिया के कुछ कमरे मेरे लिए खोल दिए
फिर
तुमने बड़े प्यार से पूछा कि
क्या तुम बोल सकते हो?
फ़िलहाल तो मैं बोलने की हालत में नहीं हूँ
लेकिन मैं अभी भूलने की हालत में भी नहीं हूँ
अभी मैं जुटा रहा हूँ
अपने मौन का शोर
और सीख रहा हूँ
तुम्हे बहरा कर देने की भाषा
तुमने मुझे जो दिया
उसे लौटाने के लिए नही
तुम्हे इंसान बनाने के लिए
चिल्लाता रहा ज़िन्दगी भर
और तुम कहते रहे कि
तुमने कभी सुना ही नही
मैंने बोलना बंद कर दिया
ताकि मैं खुद को समेटकर
जिंदा रह सकूँ
और
जब तुम्हे लगा कि मैं बोलना भूल चुका हूँ
तुमने दुनिया के कुछ कमरे मेरे लिए खोल दिए
फिर
तुमने बड़े प्यार से पूछा कि
क्या तुम बोल सकते हो?
फ़िलहाल तो मैं बोलने की हालत में नहीं हूँ
लेकिन मैं अभी भूलने की हालत में भी नहीं हूँ
अभी मैं जुटा रहा हूँ
अपने मौन का शोर
और सीख रहा हूँ
तुम्हे बहरा कर देने की भाषा
तुमने मुझे जो दिया
उसे लौटाने के लिए नही
तुम्हे इंसान बनाने के लिए
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