प्रेम
अगर कोई गणितीय संख्या है
तो
वह जरूर पाई होगा |
उसकी
तरह ही irrational और chaotic
जीवन
के हर पड़ाव में,हर घुमाव में
हर
बारीक लोच में
वह
छुपा हुआ सा रहेगा |
उसको
ढूँढना,समझना ही
जीवन
को समझना है |
इसका
जितना ज्यादा विस्तार हमें ज्ञात होगा
उतनी
ही सहूलियत हमें जीने में होगी |
प्रकृति
अपने तत्वों से कैसे प्रेम करती है
इसको
जानना
पाई
को जानने जैसा है |
सुंदर..
ReplyDeleteशुक्रिया 😍
Delete