एक दोस्त से दरखास्त

मेरा यह ख़त पढ़ना,कई-कई बार पढ़ना
पढ़ना इतनी बार कि वह शब्दशः याद हो जाये 
फिर बेशक उसे फाड़ देना या जला देना 
क्योंकि यह सुबूत हो सकता है 
तुम्हारे विश्वासघात का 
हो सकता है तुम्हारा चरित्र प्रमाणपत्र 
जिसपर तुम्हारे मालिक की मुहर होगी 
इससे पहले कि कोई तुम्हारे खिलाफ गवाही दे 
या तुम पकड़ी जाओ रंगे हाथ 
इसको जलाओ और उसकी राख को 
अपने मन के किसी कोने में फैला दो 
जहाँ तुम्हारे प्रेमी पहुँच ही नही पाते 
न ही वे वहाँ पहुँचने की इच्छा रखते हैं |

तुम इसे एक प्रयोग की तरह 
उपयोग में ला सकती हो 
तुम इश्क करो बार-बार 
तब तक करती रहो 
जब तक तुम्हे कोई ऐसा प्रेमी न मिल जाये 
जो तुम्हारे मन के उस कोने में पहुँचे
जिसे लोग खण्डहर कहते थे 
और जब उसे वह राख दिखे 
तो वो उसे वह कागज़ बनाने 
की कोशिश करे फिर से  
और कम से कम यह जान पाये
कि तुम्हारे देह से लिपटे जोंक  
तुम्हारे प्रेमी क्यों नही बन पाये |

इस प्रयोग से तुम्हे बगैर अग्नि परीक्षा दिये 
पता चल जाएगा कि कौन जोंक है और कौन प्रेमी 
क्योंकि प्रेमी कभी जोंक नही हो सकता |

तुम उस ख़त में तम्बाकू भर कर 
उसका सिगरेट भी बना सकती हो 
यह एक नया प्रयोग होगा 
तुम इस सिगरेट को भी एक बार 
अपने प्रेमी के समक्ष जलाओ और 
ध्यान रखना स्याही वाला हिस्सा ऊपर रखना 
मैं नही चाहता कि जब मेरे लिखे जज़्बात अपनी 
अंतिम सांसें ले रहे हों तब भी उनको छिपना-छिपाना पड़े 
वो बहादुर बने रहेंगे और डटे रहेंगे 
चाहे कोई बेरहमी से उनका क़त्ल क्यों न करदे 
तुम पाओगी कि जैसे ही तुम्हारे प्रेमी की नज़र 
उस लिखावट पर पड़ेगी वो बाज की तरह 
टूट पड़ेगा उस पर और तब तुम्हे भी 
एक नई बात पता चलेगी कि कागज़ में लिखे हुए 
असल जज़्बात में जान होती है, वो सजीव होता है 
जब ये बाज उस कागज़ को एक रकीब की गर्दन 
समझकर मरोड़ रहा होगा तब तुम उसे बताना 
कि वह बाज नही जोंक है |

एक बात तुम्हे और पता चलेगी कि अब तुम्हारे इस 
जोंकबाजप्रेमी को तुम्हारे सिगरेट पीने से कोई परहेज नही है 
क्योंकि जब भी वो तुम्हारे हाथों में सिगरेट देखेगा 
उसे ख़ुशी होगी कि उसपर बस मार्लबोरो लिखा है |

वह मिटा देना चाहेगा तुम्हारा मर्दों के साथ किया हुआ हर वो संवाद 
जिस दौरान तुम्हारे चेहरे पर मुस्कुराहट आयी होगी 
पर तुम उसे बता देना कि जब उसका प्रेमपत्र 
तुम्हारे भाई के हाथ लग गया था तो 
कितने सवाल किये गए थे तुमसे वो 
तुमसे उतनी ही नफरत करता था 
जितना तुम मेरे दोस्तों से करते हो 
जबकि उनके पत्रों में कहीं भी नहीं लिखा था यह शब्द 
क्योंकि 'प्रेमपत्र' में 'प्रेम' लिखने से ज्यादा जरूरी है 
उसे प्रेम से लिखना,फिक्र करना और 
सेवियर कॉम्प्लेक्स और फिक्र करने में अंतर समझना 
समझना कि रिलेशनशिप में मेरी भी ग्रोथ कितनी जरूरी है 
कम से कम तुम्हारे जितनी ही 
समझना की तुम न्यूक्लियस और मैं तुम्हारे इर्द-गिर्द 
फैली इलेक्ट्रॉन क्लाउड नही बल्कि एक अलग न्यूक्लियस हूँ 
और हमारे बीच कोवलेंट बोन्डिंग की जरूरत है 
क्या शेयरिंग इज केयरिंग जैसी बातें बस अपने दोस्तों से कहते हो ?
क्योंकि जब से तुम मुझे अपनी गर्लफ्रैंड कहने लगे 
तुमने मुझसे वैसे कभी नही पूछा 
तुम एक दोस्त की तरह ही मेरे साथ क्यों नही रह सकते 
जैसे की मेरे दोस्त रहते हैं ? 

Comments

  1. पढ़ा तुम्हारा पत्र...और कई-कई बार पढ़ा।

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  2. मुझे खुशी है पत्र सही पते पर पहुँचा । ☺️

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