मैं जब भी मरुँ 
जहाँ भी मरुँ 
मैं चाहता हूँ वहाँ रात का वक़्त हो 
ताकि मैं देख सकूँ टिमटिमाते तारों को 
और एक अंतिम बार ये महसूस कर सकूँ 
कि मैं मरने के बाद भी अपनों के बीच 

यूँही चमकता रहूँगा 
और मेरे लोग देखकर मुझे याद करेंगे |

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