मुझे जो भाषा आती थी
उसकी चहारदीवारी में रहकर
लगभग नामुमकिन था प्यार कर पाना
उस भाषा की सीमाएँ
प्यार के अनंत उच्चावचों के बीच कहीं पर भी
दीवार बनकर खड़ी हो जाती थी
प्यार को ज़िन्दा रखने के लिए जरूरी होता है
उस प्यार की भाषा को विकसित करना
जिसकी मदद से अपने प्रेमी से संवाद किया जा सके |
भाषा की सीमाओं को धकेलना
और धकेलते चले जाना
प्रेम के बल से ही संभव है |
उसकी चहारदीवारी में रहकर
लगभग नामुमकिन था प्यार कर पाना
उस भाषा की सीमाएँ
प्यार के अनंत उच्चावचों के बीच कहीं पर भी
दीवार बनकर खड़ी हो जाती थी
प्यार को ज़िन्दा रखने के लिए जरूरी होता है
उस प्यार की भाषा को विकसित करना
जिसकी मदद से अपने प्रेमी से संवाद किया जा सके |
भाषा की सीमाओं को धकेलना
और धकेलते चले जाना
प्रेम के बल से ही संभव है |
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