तुम्हारे जाने के बाद
जैसे जिया ही नही मैं
ज़िन्दगी के पीछे भागता ही रहा
जैसे अपनी ही परछाई का पीछा करता रहा
और ज़िन्दगी भागती रही मुझसे तेज
हमेशा मुझसे आगे
मैं भूल गया कि कैसे जीना है
इस ज़िन्दगी को तुम्हारे बिना
और अब याद भी नही आता
कि कैसा महसूस होता है
ज़िंदा रहकर
तुम्हारे बिना
जैसे रहा ही नही
मेरा वर्तमान
जब गयी तुम मेरी ज़िन्दगी से
पहले मेरा वर्तमान
फिर मेरा भूत
और फिर मेरा भविष्य
सबकुछ तुम्हारे साथ ही चला गया
तुम्हारे बिना
मैं
और
मेरा
सबकुछ
तुम्हारे साथ
चला गया
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