धुंधला रहा है प्रतिबिम्ब
धीरे -धीरे,
पर हो गए मेमोरीलेस
रगड़े गए
कटे गए
मारे गए
फिर हुआपुनर्जन्म
पर,सब-कुछ
बार-बार
मतलब
बिलकुल फॉर्मेट किये गए
स्पेसीफाईड डाटा हुआ इनस्टॉल
आखिर,
किस चीज़ का है यह प्रोटोकॉल?
हो गया स्पिन जीरो
अब क्या करोगे हीरो?
क्योंकि...अब
अपने ही अनंत चेहरे हैं
खुद की ही अलग दुनिया है
हर उस एक चेहरे की
बन गया है मकड़जाल
जिसमे फसे हैं कंकाल
देख रहा है

कोई एक
मूकदर्शक


Comments

Popular Posts